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Showing posts from September, 2023

Woke Spiritual अफीम

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सारे Spiritual अफीमचीयों में एक कॉमन बात यह है की क्योकि अब इनके गुरूजी/किताब/बाबा ने कह दिया है की मेरे पास आने भर से ही तुम एक अद्वितीय पथ पर निकल चुके हो तो इनकी छाती में हवा भर जाती है। बिल्कुल पहले ही मिनट से ये सामान्य व्यक्ति को बहुत नीचा करके आंकते है , कैसे ? अब क्योकि इनका खुद कोई acquire knowledge तो कुछ होता नहीं और ना ही इन्होने दिमाग को इतनी स्वतंत्रता दी हुई होती है की वह बेसिक ऑब्जरवेशन से कुछ सीखे। इनसे किसी भी विषय पर बात कीजिये तो इनका 90% तर्क चेतना अर्थात consciousness के आस-पास बना होता है। चेतना का इनका एक अलग ही डिस्कोर्स चल रहा है। चेतना क्या है, इनको ऐसे साधना है , यह किस प्रकार की होती है, किस प्रकार की नहीं होती है इत्यादि। इनको पूछो चेतना का फिजिकल मतलब तो बता ! तब इनके पास कोई factual बात नही होती है क्योकि इस विषय साइंटिफिक पेपर लिखने के लिए एक्सपेरिमेंट जरुरी है, वक़्त लगता है और बहुत rigorous साइंटिफिक methodology से गुजरना पड़ता है। आप किसी न्यूरोसाइंटिस्ट से पूछो की चेतना क्या है तो वो तो कह देते है की भई Consciousness को हम अभी समझ रहे है। यह कहा है इस...

आध्यात्म और विज्ञान का विवाद जबरदस्ती का विवाद है।

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आध्यात्म और विज्ञान का विवाद जबरदस्ती का विवाद है। मैं तो इसको कोई डिबेट भी नहीं मानता हूँ। आध्यात्म व्यक्तिगत है आपको परमतत्व में मिलना है, परम तत्व से जुड़ना है, कुण्डलिनी जगानी है ये सब फैंसी शब्दों में से क्या चाहिए यह आपका व्यक्तिगत चुनाव है। आपका ये परालौकिक अनुभव केवल आपका है और अगर बुद्ध सही है तो सबको अपना रास्ता खुद खोजना है। जैसा की ओशो कहते है  "मेरे निकट बैठने से तुममें भी रस की कुछ बूंदे प्रकट होगी। तुममें आनंद तो आयेगा पर वह क्षणिक होगा। अमृत तुम में भी फूटे इसके लिये तुम्हे ही प्रयास करना होगा।" विज्ञान व्यक्तिगत नहीं है यह सार्वत्रिक है। नियतांक सार्वत्रिक है, प्रकाश का वेग सार्वत्रिक है, नियम भी सार्वत्रिक है और समान समय पर सापेक्षिक भी है। कठिन गणित और भौतिकी प्रकृति के नियम और उसकी कार्यविधि समझने का तरीका है। प्रकृति इसी भाषा में बात करती है। यह कठिन भाषा है यह  अवकल समीकरणों , कंप्यूटर कोड, उष्मागतिकी और टोपोलॉजी की भाषा है।  यह सबको समझ नहीं आती है, आ सकती है पर कौन प्रयास करे? इसीलिए इसको समझने के लिये बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है। सीमित खोज नहीं ...